'पहाड़ का पानी कई दिशाओं में बहेगा तो कीचड़ बनेगा': अनिल अग्रवाल ने युवाओं को दिए सफलता के 3 बड़े मंत्र
द जागरण न्यूज, लंदन: वेदांता रिसोर्सेज के संस्थापक और चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने युवा उद्यमियों और कारोबारियों को सफलता के अहम सूत्र दिए हैं। लंदन में आयोजित लीडरशिप कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने शुरुआती संघर्षों और 9 असफल व्यवसायों का जिक्र करते हुए कहा कि विफलताएं ही आगे बढ़ने की सीढ़ी साबित होती हैं।
अनिल अग्रवाल ने एकाग्रता का महत्व समझाते हुए कहा कि यदि पहाड़ से गिरता पानी एक दिशा में बहेगा तो नदी बनेगा, लेकिन 10-15 दिशाओं में बिखर जाएगा तो केवल कीचड़ पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि कारोबार में वही क्षेत्र चुनें जिसमें आपकी मूल समझ (DNA) हो और जहां अवसर मिले, वहां जोखिम उठाने से न हिचकें। साथ काम करने वालों को इक्विटी देकर हिस्सेदार बनाएं ताकि मिलकर बड़ी वैल्यू तैयार की जा सके।
सफलता के 3 मूल मंत्र:
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कमाई दूसरों के भी काम आए: धन केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के उत्थान में खर्च होना चाहिए।
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खुद बढ़ें, दूसरों को भी बढ़ाएं: महिला सशक्तिकरण और बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर दें, तभी अगली पीढ़ी सशक्त बनेगी।
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टेक्नोलॉजी अपनाएं, आलस छोड़ें: हर कार्य में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल तलाशें और पूरे परिवार व टीम को साथ लेकर आगे बढ़ें।
एल्युमिनियम, जिंक और कॉपर जैसे कोर सेक्टर्स पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और वैश्विक स्तर पर इन धातुओं का भारी कंजम्पशन है, जिससे 5 करोड़ से लेकर 500 करोड़ रुपये तक के नए उद्यमों के लिए असीम संभावनाएं मौजूद हैं।